
बागेश्वर। जिले के कांडा क्षेत्र में साइबर ठगों ने खुद को पंचायती राज विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर पूर्व ग्राम प्रधान के साथ लाखों की ठगी कर डाली। ठगों ने पूर्व प्रधान को उनके पांच साल के कार्यकाल का बकाया वेतनमान और 10 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी दिलाने के नाम पर करीब 30.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
महरुड़ी निवासी खुशाल सिंह द्वारा पुलिस को सौंपी गई तहरीर के अनुसार उनके मोबाइल पर तीन अप्रैल 2025 एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को उत्तराखंड पंचायती राज अधिकारी बताया। उसने बताया कि पूर्व ग्राम प्रधानों के पांच वर्ष के कार्यकाल का बढ़ा हुआ वेतनमान और दुर्घटना बीमा की फाइलें बन रही हैं। ठग ने पीड़ित का कुल एरियर और पॉलिसी मिलाकर 4,86,336 रुपये सरकारी खाते में जमा होने की बात कही। शुरुआत में ठगों ने नैनीताल हाईकोर्ट से एनओसी बनाने के नाम पर 8300 रुपये मांगे। फिर आरबीआई में खाता खोलने के नाम पर 99,999 रुपये ऐंठ लिए। पेंशन फाइल का प्रलोभन देकर 2.50 लाख रुपये, पेंशन नॉमिनी के लिए 1.20 लाख, फाइल हैदराबाद से पास कराने के नाम पर दो लाख, और फिक्स डिपॉजिट चार्ज के नाम पर 1.60 लाख रुपये हड़प लिए। 13.86 लाख रुपये जमा कराने के बाद ठगों ने इनकम टैक्स के नाम पर 2.50 लाख, सर्विस टैक्स के नाम पर दो, टैक्स रिटर्न फार्म भरने के लिए 1.50 लाख रुपये फिर ठग लिए। आरोपियों ने फर्जी बिजनेस दिखाने के नाम पर 75 हजार और उसके दो साल के रिन्यूअल के नाम पर 50 हजार रुपये ऐंठे। फंडिंग स्विच कराने के नाम पर भी ढाई लाख ले लिए।
जून 2025 में ठग ने पीड़ित को फोन कर बताया कि तुम्हें मिलने वाला पैसा अहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ितों को दे दिया गया है। अब इसे इंडियाबुल्स फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से दिलाया जाएगा। फिर पीड़ित को दूसरे नंबरों से इंडियाबुल्स का अधिकारी बनकर कॉल की गई। बड़ी धनराशि ट्रांसफर करने के नाम पर पीड़ित से एचडीएफसी, आईडीबीआई और एसबीआई कांडा में तीन नए खाते खुलवाए गए। बैंक खातों की लिमिट बढ़ाने और डिमांड ड्राफ्ट बनाने के नाम पर किस्तों के नाम पर लाखों रुपये जमा कराने के बाद एटीएम कार्ड और पिन फाइल के साथ जनरेट करने का झांसा दिया। उससे एटीएम कार्ड, पिन और चालू सिम कार्ड कूरियर के माध्यम से दिल्ली के पते पर मंगवा लिया। इसके बाद ठगों ने दिल्ली के अलग-अलग एटीएम से पीड़ित के खातों से रकम उड़ा दी। पीड़ित की पत्नी जया देवी की फाइल के नाम पर जब दोबारा 1.90 लाख रुपये मांगे गए, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।











