हल्द्वानी। ऐतिहासिक चित्रशिला रानीबाग स्थित चित्रेश्वर/पद्मेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण कर बनाए गए शनि मंदिर को लेकर पहाड़ी (कत्युरी) समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को हीरानगर स्थित गॉल्ज्यू मंदिर से जुलूस की शक्ल में समाज के लोग एसडीएम कोर्ट पहुंचे। कोर्ट परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर समाज द्वारा तहसीलदार कुलदीप पांडे को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में शनि मंदिर के निर्माण की जांच कराते हुए उसे ध्वस्त करने अथवा अन्यत्र विस्थापित करने की मांग की है।
राजमाता जिया कत्युरी (पहाड़ी) समाज का कहना है कि चित्रशिला रानीबाग का देवभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष महत्व है। समाज के अनुसार यह क्षेत्र राजमाता जिया की तपस्थली एवं कर्मभूमि रहा है। साथ ही, स्कंद पुराण में मां गार्गी नदी के पावन तट पर महर्षि गर्ग एवं मार्कण्डेय द्वारा चित्रेश्वर महादेव की तपस्या का उल्लेख मिलता है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि चित्रेश्वर/पद्मेश्वर महादेव के नाम से अभिलेखों में दर्ज भूमि पर कतिपय लोगों द्वारा बिना सक्षम अनुमति के शनि मंदिर का निर्माण किया गया है। समाज का कहना है कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान प्रभावित होने के साथ ही पहाड़ी समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
समाज ने प्रशासन से चित्रशिला धाम को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही चित्रशिला रानीबाग के संपूर्ण क्षेत्र को मानसखंड माला समूह परियोजना में शामिल कर इसका सर्वांगीण विकास कराने और क्षेत्र को तीर्थ नगरी के रूप में विकसित किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में प्रशासन को 10 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पहाड़ी (कत्युरी) समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।






