उत्तराखंड हल्द्वानी: अस्पताल से निकाले जाने के खिलाफ दिखा आक्रोश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में किया धरना प्रदर्शन

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हल्द्वानी। कोरोना काल से लेकर अब तक सुशीला तिवारी अस्पताल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को निकाले जाने के विरोध में पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरू के नेतृत्व में चिकित्सा अधिकारी कैंप कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया गया। पनेरु ने कहा कि कोरोना काल जैसे संकट के समय अपनी जान पर खेल कर सुशीला तिवारी नर्सिंग स्टाफ ने बेहतरीन सेवाएं देने का काम किया लेकिन सरकार ने लगभग दो माह पहले उनकी सेवाएं समाप्त कर दी, जो की न्याय पूर्ण नहीं है। उक्त नर्सिंग स्टाफ की मांगों को लेकर 29अप्रैल 2025 को एक प्रतिनिधि मंडल पनेरु के नेतृत्व में सर्किट हाउस काठगोदाम में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत से मिला था। जिसमें मंत्री द्वारा उन्हें समायोजित करने की सहमति देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। आज लगभग 20 दिन बीतने के बाद भी उक्त नर्सिंग स्टाफ को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। जिस कारण आज उन्हें धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरना स्थल से पनेरु ने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर सयाना से दूरभाष पर बात कर मंत्री जी के आदेशों का पालन करने का निवेदन किया और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर खर्कवाल को ज्ञापन प्रेषित किया। इसके बाद पनेरु के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ ने राजकीय मेडिकल कॉलेज सुशीला तिवारी अस्पताल के प्राचार्य डॉक्टर अरुण जोशी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर अली के साथ इस विषय पर बैठक कर चर्चा कर उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों के एक सप्ताह में नियुक्ति देने का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया। पनेरु ने कहा कि अगर एक सप्ताह में नर्सिंग स्टाफ को नियुक्ति नहीं दी गई तो वह देहरादून में मुख्यमंत्री आवास में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। धरना प्रदर्शन में समाजसेवी प्रेम जोशी, रेखा, सोनी, बबीता, बिना, अनीता,बबीता, पिंकी,भावना, कल्पना ,चांदनी, नेहा, बबली, प्रतिभा, पूजा ,नितेश ,जीशान सहित दर्जनों नर्सिंग स्टाफ के लोग मौजूद रहे।

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