चंपावत। ग्राम पंचायत बकोड़ा के मोस्टा निवासी बुजुर्ग दीवान सिंह को चोट लगने के पांच दिन बाद ग्रामीणों ने डंडे के सहारे अस्पताल पहुंचाया। सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को करीब आठ किलोमीटर का दुर्गम सफर लगभग तीन घंटे में तय करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, पांच दिन पूर्व दीवान सिंह अपने खेत में हल चला रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके पैर में लकड़ी चुभ गई। चोट का घाव ठीक नहीं होने पर शनिवार को ग्रामीणों ने उन्हें डंडे के सहारे अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। चार युवाओं ने बुजुर्ग को डंडे में बांधकर उठाया और पैदल सीम तक पहुंचाया। यहां से टैक्सी के जरिए उन्हें टनकपुर उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण बीमार और घायल लोगों को इसी तरह कंधों या डंडे के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।






