हल्द्वानी। हल्द्वानी की सियासत में इन दिनों दीपक बल्यूटिया को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। चुनावी सरगर्मियां बढ़ने से पहले जिस तरह एक के बाद एक बड़े राजनीतिक चेहरे उनसे मुलाकात कर रहे हैं, उसने राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है।
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी दीपक बल्यूटिया के जन्मदिन समारोह में नजर आए थे। इस दौरान उन्होंने बल्यूटिया को केक खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात की चर्चा थमी भी नहीं थी कि अब उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता और संस्थापक काशी सिंह ऐरी भी बल्यूटिया के आवास पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है।
सवाल अब यह है कि बल्यूटिया के घर लगातार बड़े राजनीतिक चेहरों की दस्तक के मायने क्या हैं? क्या चुनावी बिसात पर कोई नया मोहरा तैयार हो रहा है? क्या अलग-अलग राजनीतिक दल बल्यूटिया को अपने साथ जोड़ने की संभावनाएं तलाश रहे हैं? या फिर इन मुलाकातों के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति आकार ले रही है?
फिलहाल किसी नए राजनीतिक गठजोड़, दल-बदल या किसी पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लिहाजा इन मुलाकातों को फिलहाल शिष्टाचार भेंट ही माना जा रहा है। लेकिन राजनीति में मुलाकातें जब लगातार होने लगें तो उनके मायने तलाशे जाना स्वाभाविक है।
कोश्यारी और काशी सिंह ऐरी जैसे अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि के नेताओं की बल्यूटिया से मुलाकात ने हल्द्वानी की सियासत में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह सिलसिला महज मुलाकातों तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में इसके पीछे छिपी कोई बड़ी राजनीतिक तस्वीर सामने आती है।






