
हल्द्वानी। वरिष्ठ कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत के साथ जमीन बेचने में हुई धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने 4 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने सिंचाई विभाग की गूल और सड़क की भूमि को अपने भूखंड में मिलाकर विकास भगत को बेच दिया। जब प्रशासन ने भूमि की जांच की तो भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने पर मामला खुला। मामले में शिकायत पर मुखानी कोतवाली पुलिस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
विकास भगत की ओर से पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने साल 2012 में ग्राम नंदपुर निवासी खीमानंद और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से करीब 6601 वर्ग फीट भूमि खरीदी थी। भूमि खरीदने के बाद वे उस पर काबिज भी हो गए और उसके कुछ हिस्सों को आगे बेच भी दिया। साल 2020 में कुछ संदिग्ध तथ्यों के सामने आने के बाद उन्होंने खुद एडीएम और एसडीएम को पत्र लिखकर भूमि की पैमाइश और जांच का अनुरोध किया था।
प्रशासनिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि विक्रेताओं ने चालाकी से सिंचाई गूल और सड़क के रकबे को अपने खेत में मिलाकर विकास भगत को बेच दिया था। सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर बेचना कानूनन अपराध है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमित हिस्से को वापस अपने कब्जे में ले लिया है। इससे विकास भगत को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कानूनी उलझनों का भी सामना करना पड़ा।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी खीमानंद, उनके बेटे नवीन चंद्र और दो भाइयों मोहन चंद्र व उमेश चंद्र के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन लोगों ने अन्य किसी के साथ भी इस तरह की धोखाधड़ी की है। विधायक पुत्र से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।











