देहरादून। अल्ट्रासाउंड कराकर बच्चे का लिंग पता करने के बाद गर्भ में लड़की होने पर मां के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार और क्रूरता की घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है।
कोतवाली सहसपुर क्षेत्र में पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग पता करने के बाद गर्भ में लड़की होने की जानकारी पर मां के साथ अमानवीय व्यवहार करने,करंट लगाने के बाद गर्भ में बच्चे की मौत के मामले में पीड़िता के मायके वालों ने दामाद पर संगीन आरोप लगाए हैं। मायके पक्ष वालों ने आरोप लगाया है की आरोपी पति बबलू ने गर्भवती पत्नी का अवैध रूप से गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कराया।
गर्भ में लड़की होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने पत्नी और गर्भस्थ शिशु को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे अमानवीय यातनाएं दीं।
परिजनों के अनुसार वर्ष 2019 में बबलू और सीमा का प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद से ही बबलू सीमा के साथ मारपीट करता था। बाद में पता चला कि बबलू पहले से शादीशुदा है। उसकी एक पत्नी पानीपत में उसकी मां के साथ रहती है।
शादी के बाद सीमा की दो बेटियां होने के बाद सीमा के तीसरी बार गर्भवती होने पर बबलू उस पर लिंग परीक्षण के लिए दवाब बनाने लगा। परिजनों के अनुसार आरोपी सीमा को अपने साथ पानीपत ले गया और वहां उसका लिंग परीक्षण कराया।
आरोप है कि गर्भ में लड़की होने का पता चलने पर उसने गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने की योजना बनाई और सीमा को पीट कर और करंट लगाकर गर्भ में पल रहे बच्चे को मार डाला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने किसी तरह उसके जंगल से सीमा को आजाद कराया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।





