पुलिस ने फर्जी अधिकारी को ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी बचपन से अफसरों की कार्यशैली और रुतबा देखकर अफसर बनना चाहता था।
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की राजपुर पुलिस ने 16 जुलाई को खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आर यशोवर्धन के रूप में हुई है जो उत्तराखंड के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी का बेटा है।आरोपी बचपन से ही अधिकारियों की कार्यशैली और रुतबा देखकर खुद अधिकारी बनने का सपना देखता था, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी सफल नहीं हो सका तो उसने फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करना शुरू किया।
पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपी प्रभावशाली पहचान वाले फर्जी आईडी, विजिटिंग कार्ड और वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था और नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और अन्य सरकारी कार्य कराने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करता था।
देहरादून पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि, 35 वर्षीय आरोपी आर यशोवर्धन ने दो बार यूपीएसपी परीक्षा दी लेकिन दोनों बार असफल रहा। हालांकि, बचपन से ही पिता के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली पावर और सुविधा देखी थी, इसलिए उसे अधिकारी न बन पाने का मलाल था। फिर पावर और रुतबा पाने के लिए आरोपी ने फर्जी तरीके से अपनी झूठी पहचान बनाई।
आरोपी ने 5 फर्जी आईडी कार्ड, अलग-अलग अधिकारी के रूप में पहचान दिलाने वाले 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और आर्मी के 25 लोगो, आर्मी/पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दी, 3 फर्जी रिबन और 1 वायरलेस सेट की व्यवस्था करने के बाद लोगों के साथ ठगी करना शुरू कर दिया। आरोपी अलग-अलग एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बनकर लोगों को नौकरी, कंपनी रजिस्ट्रेशन और अन्य काम कराने का झांसा देता था और बदले में मोटी रकम ऐंठ लेता था।
आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज:
पहला मामला- 8 जुलाई 2026 का है. डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई कि, आरोपी ने स्वयं को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपए की ठगी की.
दूसरा मामला- 15 जुलाई 2026 को सामने आया. कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुपमा ने आरोप लगाया कि, यशोवर्धन ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर फर्जी आईडी और विजिटिंग कार्ड दिखाए और रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख 60 हजार रुपए हड़प लिए. जिसके बाद थाना राजपुर पुलिस ने आरोपी यशोवर्धन को 16 जुलाई को मसूरी रोड स्थित चेकिंग के दौरान सीएसआई तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।






