हल्द्वानी। वरिष्ठ भाजपा विधायक के कोतवाली के बाहर धरने पर बैठने से हड़कंप मच गया। सीओ और कोतवाल के आग्रह करने पर भी गुस्साए विधायक ने अपना धरना समाप्त नहीं किया। बाद में एसएसपी के मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया।
शनिवार को पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज कालादूंगी विधायक बंशीधर भगत हल्द्वानी कोतवाली के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। विधायक के धरने पर बैठने की सूचना पर बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी सहित कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की कार्य प्रणाली से गुस्साए भाजपा विधायक ने बताया कि भाजपा के पार्षद और मंडल उपाध्यक्ष अमित बिष्ट के साथ पुलिस ने न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि उनके साथ गाली-गलौज भी की है। कहा कि लड़ाई झगड़े के मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने के बाद भी पुलिस ने जबरदस्ती पार्षद को कोतवाली में बिठाए रखा। पार्षद अमित बिष्ट ने भी पुलिस पर उन्हें जबरदस्ती परेशान करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सीओ नितिन लोहनी और कोतवाल ने वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को समझने का काफी प्रयास किया लेकिन वह कप्तान को मौके पर बुलाया जाने की मांग पर ही अड़े रहे। मामला बढ़ता देख पुलिस कप्तान प्रहलाद नारायण मीणा मौके पर पहुंचे और विधायक को समझा – बुझाकर सड़क से उठा कोतवाली में ले गए। कोतवाली में विधायक ने कप्तान को भी काफी खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि भाजपा के किसी भी कार्यकर्ता के साथ इस तरह की बदतमीजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई न करके, आम जनता का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। अंत में इंस्पेक्टर के माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ, और भगत ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान पुलिस की कार्य प्रणाली को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश दिखाई दिया। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों के निलंबन की मांग भी उठी।











