कुत्ते को बाहर निकालने के दौरान घर में घुसा शिकारी, अनजाने में बंद हो गई दरवाजे की कुंडी
बागेश्वर। जिले के थकलाड़ ग्राम पंचायत के ग्वाटा तोक में एक मकान के स्टोर रूम में तेंदुए के घुसने से हड़कंप मच गया। बृहस्पतिवार रात घर के भीतर दाखिल हुआ तेंदुआ करीब 13 घंटे तक कमरे में बंद रहा। शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस दौरान ग्रामीणों में दहशत बनी रही और लोग पूरी रात किसी अनहोनी की आशंका से सहमे रहे।
घटना बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे की है। स्थानीय निवासी मोहन सिंह रावत की पत्नी विमला देवी अपने पालतू कुत्ते को टॉयलेट कराने के लिए स्टोर रूम से बाहर लेकर गई थीं। इसी बीच अंधेरे का फायदा उठाकर तेंदुआ चुपचाप स्टोर रूम में घुस गया। विमला देवी को इसकी भनक तक नहीं लगी। वह कुत्ते को वापस कमरे में रखकर बाहर से कुंडी बंद करने के बाद सोने चली गईं। इस तरह तेंदुआ अनजाने में कमरे के भीतर ही कैद हो गया।
कुछ देर बाद स्टोर रूम से अजीब आवाजें सुनाई दीं तो विमला देवी को संदेह हुआ। उन्होंने अंदर झांककर देखा तो सामने तेंदुआ मौजूद था। यह नजारा देखते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाकर परिजनों को इसकी जानकारी दी। खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। घर के भीतर तेंदुए की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम रात करीब दो बजे मौके पर पहुंची। घर के आसपास आबादी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सतर्कता के साथ चलाना पड़ा। वनकर्मियों के सामने चुनौती तेंदुए को बिना किसी जनहानि के सुरक्षित बाहर निकालने की थी। रातभर चले प्रयासों के बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे टीम ने तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
सात साल का नर तेंदुआ, स्वस्थ मिला
वन विभाग के रेंजर श्याम सिंह करायत के अनुसार रेस्क्यू किया गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब सात वर्ष है। गनीमत रही कि इतने लंबे समय तक कमरे में बंद रहने के बावजूद उसने किसी पर हमला नहीं किया। प्राथमिक जांच में तेंदुआ स्वस्थ पाया गया है। विभागीय प्रक्रिया और चिकित्सकीय परीक्षण पूरा होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।






