
हल्द्वानी। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शनिवार को मानस नशामुक्ति केंद्र लामाचौड़ एवं प्रकाश नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र प्रेमपुर लोशज्ञानी का निरीक्षण किया गया।
मानस नशामुक्ति केंद्र, लामाचौड़ के निरीक्षण के दौरान केंद्र में कुल 56 मरीज भर्ती पाए गए। केंद्र की व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों के निरीक्षण में केंद्र परिसर में एक्सपायरी डेट की दवाइयां रखी हुई पाई गईं, जो मरीजों के स्वास्थ्य हेतु गंभीर जोखिम की स्थिति उत्पन्न करती हैं।
संस्था के प्रबंधक द्वारा बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सीय डिग्री अथवा वैधानिक अनुमति के होम्योपैथी एवं इलेक्ट्रोपैथी दवाओं का उपयोग मरीजों को उपचार हेतु किया जान प्रतीत हुआ है। इस स्थिति को देख चिकित्सकीय मानकों एवं प्रचलित नियमों का उल्लंघन प्रतीत होती है।
वहीं प्रकाश नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र हल्द्वानी के निरीक्षण के दौरान केंद्र में कुल 27 मरीज भर्ती पाए गए। केंद्र में मरीजों हेतु पर्याप्त प्रकाश एवं वेंटिलेशन की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई।
केंद्र का वातावरण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के न्यूनतम मानकों के अनुरूप संतोषजनक नहीं पाया गया।
मरीजों के आवासीय कक्षों में पर्याप्त प्राकृतिक वायु एवं रोशनी का अभाव पाया गया, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। संस्था के प्रबंधक को केंद्र में उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया।
अतः उपरोक्त निरीक्षण के आधार पर मानस नशामुक्ति केंद्र, लामाचौड़ के संबंध में संयुक्त विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल को प्रेषित की जा रही है। निरीक्षण के समय सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारूल थपलियाल, उपजिलाधिकारी हल्द्वानी प्रमोद कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्वेता भंडारी,सहायक समाज कल्याण अधिकारी राहुल आर्य आदि उपस्थित रहे।











