चार साल पुराने हत्याकांड में अदालत का फैसला, दोनों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना
रुद्रपुर। किच्छा में मछली बेचने को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के करीब चार साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने हत्या के दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में तीसरा आरोपी नाबालिग है, जिसकी सुनवाई किशोर न्यायालय में चल रही है।
अभियोजन के अनुसार, 18 नवंबर 2021 को वार्ड सात निवासी मो. आशिक किच्छा की आढ़त में मछली का कारोबार कर रहा था। इसी दौरान वार्ड सात निवासी नहीम और उसके दो पुत्रों ने आढ़त के सामने तख्त डाल दिया। आशिक ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि नहीम और उसके पुत्रों ने तख्त के नीचे से पाटल निकालकर आशिक पर हमला कर दिया। हमले में आशिक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में मृतक के भाई आसिफ की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया और साक्ष्य रखे।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने नहीम और उसके पुत्र क्षिमाल को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं तीसरे आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसके मामले की सुनवाई किशोर न्यायालय में जारी है।






