
हल्द्वानी। जनता दरबार में आई शिकायत का तुरंत संज्ञान लेते हुए कुमाऊं कमिश्नर ने जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने सख्त लहजे में कहा कि कंपनी को जनता का एक एक पैसा लौटाना होगा।
शनिवार को कुसुम खेड़ा निवासी एक व्यक्ति ने मंडलायुक्त से जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ द्वारा धोखाधड़ी करने एवम् पैसा वापस न करने की शिकायत की। व्यक्ति ने बताया कि 25 माह में पैसा डबल करने की बात कहकर कंपनी ने पैसा इन्वेस्ट करने की बात कही थी और अब पैसा वापस नहीं किया जा रहा है। जिस पर मंडलायुक्त ने कंपनी के सीईओ को कार्यालय में बुलाया लेकिन सीईओ द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। जिस पर शनिवार की शाम आयुक्त प्रशासनिक अमले के साथ सतलोक कॉलोनी फैज़-6 नियर रणवीर गार्डन स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे।
कार्यालय में मंडलायुक्त द्वारा कंपनी के डॉक्यूमेंट, कंपनी द्वारा की गई ट्रांजेक्शन, बैलेंस शीट आदि मांगी परन्तु सीईओ बिमल रावत किसी भी प्रकार के डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाए और कंपनी के पोर्टल पर ऑनलाइन डेटा भी नहीं दिखा पाएं। इस दौरान कुछ और लोग भी अपनी धनराशि लेने के लिए पहुंचे और मंडलायुक्त से अपनी धनराशि दिलाने हेतु कार्यवाही की मांग की।
कंपनी के नाम पर निवेश करने के स्थान पर व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर जमीन खरीद की बात सीईओ बिमल रावत द्वारा कबूल की गई है। और 3900 व्यक्ति की देनदारी भी कंपनी के ऊपर बताई गई।
कंपनी के आईडीएफसी बैंक अकाउंट में 42455 रुपए तथा एचडीएफसी बैंक अकाउंट में लगभग 50 हजार रुपए की धनराशि जमा मिली। जबकि 25 माह में पैसा डबल करने के नाम पर 8 हजार लोगों से 39 करोड़ रुपए कंपनी द्वारा जमा कराए गए हैं। इसके साथ ही मिडिएटर्स को भी इंसेंटिव की सुविधा कंपनी द्वारा दी जा रही थी।
मंडलायुक्त ने मल्टीलेवल मार्केटिंग या पिरामिड स्कीम्स, कंपनी एक्ट के उल्लंघन, कंपनी के स्थान पर पर्सनल एसेट्स बनाने के साथ ही पीड़ित व्यक्तियों की शिकायतों के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए ।
कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह सहित निवेशक आदि उपस्थित थे।











