हल्द्वानी। सदस्यता शुल्क के करीब 3.50 लाख रुपये के हिसाब-किताब को लेकर उठे सवालों के बीच प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की हल्द्वानी महानगर इकाई ने प्रदेश संगठन से संबंध विच्छेद करने का निर्णय लिया है। व्यापार मंडल के सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लेते हुए कहा कि व्यापारियों की सदस्यता राशि के लेखा-जोखा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होने से असंतोष की स्थिति बनी हुई थी।
बुधवार को पत्रकार वार्ता के दौरान नगर अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि नगर इकाई की ओर से जिला इकाई से व्यापारियों से प्राप्त सदस्यता शुल्क और करीब 3.50 लाख रुपये के हिसाब-किताब की जानकारी कई बार मांगी गई, लेकिन उनके अनुसार संतोषजनक और स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। महामंत्री मनोज जायसवाल ने कहा कि मामले से प्रदेश कार्यकारिणी को भी कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
नगर व्यापार मंडल पदाधिकारियों के अनुसार संगठनात्मक नियमों और संविधान के पालन में सामने आ रही समस्याओं तथा वित्तीय पारदर्शिता को लेकर व्यापारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा था। व्यापारियों के दबाव और संगठन की जवाबदेही को देखते हुए नगर इकाई ने प्रदेश संगठन से अलग होने का निर्णय लिया।
नगर व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि संबंध विच्छेद का निर्णय किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं, बल्कि व्यापारियों के हित, संगठनात्मक पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। प्रदेश संगठन से संबंध समाप्त होने के बावजूद नगर व्यापार मंडल के सभी वर्तमान पदाधिकारी अपने पदों पर बने रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए काम जारी रखेंगे।
इस दौरान महामंत्री मनोज जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, कोषाध्यक्ष गौरव गुप्ता, संगठन मंत्री उपेंद्र कंनवाल और प्रचार मंत्री संदीप सक्सेना समेत अन्य पदाधिकारियों ने व्यापारियों से एकजुटता और सहयोग बनाए रखने की अपील की।






