हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से छात्रसंघ चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण लागू किए जाने का आदेश जारी होते ही एमबीपीजी कॉलेज में विरोध के स्वर तेज हो गए। आदेश से नाराज छात्र नेताओं ने देर शाम कॉलेज पहुंचकर हंगामा किया और प्राचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। आरोप है कि छात्र नेताओं ने गार्ड से चाबी छीन कॉलेज का मुख्य गेट खोला और नारेबाजी करते हुए परिसर में प्रवेश किया।
धरने पर बैठने वालों में कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार मुकेश पांडे और भरत शेरवानी तथा उपसचिव पद के उम्मीदवार मानस आर्य और रजत कुमार शामिल हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे रहे।

छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव में अब महज 10 दिन का समय बचा है। ऐसे समय में छात्राओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू करने का निर्णय चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों के लिए बड़ा झटका है। उनका दावा है कि चुनाव की तैयारियों में वे पहले ही काफी धनराशि खर्च कर चुके हैं और अब आरक्षण लागू होने से उनकी तैयारियां प्रभावित होंगी।
विरोध के बीच उपसचिव पद के उम्मीदवार मानस आर्य की माता और परिजन भी कॉलेज पहुंच गए। परिजन बेटे को लेकर भावुक नजर आए। उनकी माता ने कहा कि मानस लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहा है। चुनाव के लिए उसने कर्ज भी लिया है। उन्होंने कहा कि यदि उनके बेटे के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार, विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की होगी।
छात्र नेताओं के धरने और नारेबाजी की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों के धरने पर बैठे छात्रों को समझाने पर छात्र कॉलेज परिसर से बाहर निकल गए।
वहीं, एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एनएस बनकोटी ने बताया कि देर शाम छात्रों द्वारा कॉलेज का गेट खोलकर परिसर में धरने पर बैठने की सूचना मिली थी। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण को लेकर महाविद्यालय स्तर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह फैसला विश्वविद्यालय और शासन स्तर से हुआ है, इसलिए कॉलेज प्रशासन इस मामले में कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।
छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले आरक्षण के आदेश को लेकर एमबीपीजी कॉलेज में शुरू हुआ यह विरोध अब किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।






