पहाड़ी आर्मी ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, स्थानीय संस्कृति और जलस्रोतों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
हल्द्वानी। देवभूमि उत्तराखंड में गणपति महोत्सव के दौरान श्रीगणेश की प्रतिमाओं के नदी-नालों और जलस्रोतों में विसर्जन पर रोक लगाने की मांग को लेकर मंगलवार को पहाड़ी आर्मी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम नगर मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी को ज्ञापन सौंपा।
संस्थापक पहाड़ी आर्मी हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की स्थानीय धार्मिक एवं लोक परंपराओं में देवी-देवताओं के आह्वान और स्थापना की परंपरा रही है। संगठन के अनुसार प्रतिमाओं को नदी-नालों में विसर्जित करने की परंपरा प्रदेश की मूल संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने सरकार से गणपति महोत्सव को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
पहाड़ी आर्मी ने धार्मिक परंपराओं के साथ पर्यावरण और जलस्रोतों की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया। रावत ने कहा कि दिशा-निर्देश के बावजूद यदि नदी-नालों में विसर्जन किया गया तो संगठन फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग करेगा और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।
ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, कविता जीना, देवेंद्र सालाकोटी, हिमांशु शर्मा, महेश भट्ट, मोहन बोरा, अंजू पांडे, दीपा पांडे, विनोद बिष्ट समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।






