29 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव की घोषणा के साथ कॉलेज में जोर आजमाइश तेज, अध्यक्ष पद के दावेदारों के समर्थक आमने-सामने
हल्द्वानी। उत्तराखंड में छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित होते ही कॉलेजों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। 29 सितंबर को प्रस्तावित छात्रसंघ चुनाव को लेकर हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में शुक्रवार को दिनभर छात्र राजनीति गरमाई रही। एक ओर एनएसयूआई ने गर्ल्स हॉस्टल शुरू न होने को लेकर प्राचार्य कक्ष में धरना देकर कॉलेज प्रशासन और शासन के खिलाफ आक्रोश जताया, वहीं दूसरी ओर रैली के दौरान एबीवीपी के अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इससे परिसर में कुछ देर के लिए जमकर हंगामा हुआ।
एनएसयूआई नेता मेहुल साह के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल का मुद्दा उठाया। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल की इमारत करीब डेढ़-दो साल पहले बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। छात्रों ने आरोप लगाया कि भवन बनने के बावजूद इसे कॉलेज को हस्तांतरित नहीं किया गया है और हॉस्टल की एसओपी भी शासन स्तर पर लंबित है। प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा निदेशालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मेहुल साह ने कहा कि हॉस्टल शुरू कराने को लेकर कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने प्राचार्य प्रो. एनएस बनकोटी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि 15 सितंबर तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
रैली में आमने-सामने आए छात्र गुट
इधर, कॉलेज परिसर में रैली निकालने के दौरान एबीवीपी से अध्यक्ष पद की तैयारी कर रहे धीरज बिष्ट और आर्यन बेलवाल गुट के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान एक छात्रा ने दूसरे गुट के समर्थकों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया।
हंगामे की सूचना पर प्राचार्य और प्रॉक्टर बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति शांत कराई। इसके बाद प्राचार्य ने प्रॉक्टर बोर्ड तथा कॉलेज में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ परिसर का जायजा लिया। कुछ देर के लिए कॉलेज गेट पर छात्र-छात्राओं के आईडी कार्ड भी जांचे गए।
कॉलेज से सड़क तक दिखा चुनावी दमखम
छात्रसंघ चुनाव की सुगबुगाहट के बीच अन्य पदों के संभावित प्रत्याशियों ने भी कॉलेज परिसर से लेकर सड़क तक रैली निकालकर अपना दमखम दिखाया। इस दौरान छात्र गुट कई बार आमने-सामने आए, जिससे माहौल गर्म रहा। हालांकि राहत की बात रही कि किसी भी गुट के बीच बड़ा टकराव नहीं हुआ।
चुनाव की तारीख घोषित होते ही एमबीपीजी कॉलेज में जिस तरह छात्र गुट सक्रिय हुए हैं, उससे आने वाले दिनों में परिसर की सियासत और गरमाने के आसार नजर आ रहे हैं।






