हल्द्वानी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशन के खिलाफ शनिवार को सवर्ण शक्ति संगठन के बैनर तले रामलीला ग्राउंड से डीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई। इस दौरान सवर्ण समाज के लोग हाथों में काले झंडे और स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे। लोगों ने यूजीसी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली की शक्ल में डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे लोगों ने जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल को राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि जनरल कैटेगरी के छात्रों को इन नियमों का उपयोग निजी द्वेष में किए जाने का डर है। कहा कि रेग्युलेशन के 2025 के मसौदे में झूठी शिकायतों के लिए दंडात्मक प्रावधान थे जिन्हें अंत में 2026 के नियमों से हटाया गया है। संगठन ने कहा कि ये नियम केवल एससी/एसटी व ओबीसी समाज के छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हैं जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव की संभावनाओं को नजरअंदाज करते हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि ये नियम शिक्षण संस्थानों में अशांति पैदा कर शिक्षकों में असुरक्षा की भावना को बढ़ाते हैं और समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए जाति के आधार पर भेदभाव करते हैं। संगठन ने कहा है कि इक्विटी बोर्ड में एससी एसटी ओबीसी महिला व दिव्यांग का प्रतिनिधित्व अनिवार्य है जबकि सामान्य वर्ग के लिए कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। ज्ञापन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशन पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
जाति नहीं आर्थिक आधार पर हो आरक्षण….
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भेजे ज्ञापन में सवर्ण शक्ति संगठन ने कहा है कि जाति विहीन समाज की परिकल्पना को पूरा करने के लिए आरक्षण को जाति आधारित न करते हुए आर्थिक आधार पर करने की भी मांग की गई है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाना समान अवसर देने के लिए जरूरी है।
शंख घोष के साथ निकाली गई रैली….
रामलीला ग्राउंड से स्टेडियम और एसडीएम कोर्ट होते हुए डीएम कैंप कार्यालय पहुंची रैली में प्रदर्शनकारी शंख बजाते हुए भी नजर आए। इस दौरान लोगों ने यूजीसी रोल बैक, काले कानून वापस लो समेत अन्य नारे भी लगाए। इस दौरान लोगों के हाथों में ‘सवर्ण का शोषण बंद करो’ और ‘हमारे बच्चों को भेदभाव में मत बांटो’, ‘जातियों का विभाजन बंद करो’ और ‘योग्यता चाहिए, आरक्षण नहीं’ समेत अन्य नारे लिखी तख्तियां दिखीं।











