
ऊधम सिंह नगर। ट्रांजिट कैंप के ठाकुरनगर में किशोर की पीट पीट कर हत्या किए जाने से लोग सकते में हैं। हत्या के पीछे रंजिश थी या त्वरित आवेश, ये आरोपियों के पकड़ में आने से साफ हो पाएगा। दादा के घर के बेहद पास ही उनका लाडला पोता हमेशा के लिए उनसे दूर चला गया। बताया जा रहा है कि किशोर के शरीर पर बाहरी चोटों के निशान नहीं मिले हैं। परिजन गला दबाकर हत्या की बात कह रहे हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर ही मृतक के दादा का घर है। घटना के समय मृतक दीपक बाइक से नमक के कट्टे लेकर आ रहा था। रास्ते में दो किशोरों से उसका विवाद हुआ था। बताया जा रहा कि एक आरोपी ने दीपक को दीवार पर धकियाते हुए उसका गला दबाया था और दूसरा उसके पेट पर घूंसे मार रहा था। कुछ लोगों ने इसे मामूली झगड़ा समझा था। इसी बीच कुछ महिलाओं ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया था। इसी बीच मृतक की बुआ और दादा भी वहां पहुंचे। आरोपियों ने मृतक की बुआ को धक्का दे दिया था। लोगों का कहना था कि दोनों आरोपी बेहद गुस्से में दीपक की पिटाई कर रहे थे। हालांकि लोगों में जानलेवा झगड़े के पीछे कोई रंजिश होने की भी चर्चा है।
देर रात शव रुद्रपुर पहुंचने के बाद एसएचओ मोहन पांडे और टीम ने शव का मुआयना किया। इसके बाद शव मोर्चरी भिजवा दिया। परिजनों ने पुलिस के समक्ष दीपक की गला घोंटकर हत्या की बात कही है। पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद ही मौत के कारण और आरोपियों के पकड़े जाने पर ही घटना की वजह साफ होगी।
मृतक के दादा मटरू ने बताया कि दोनों आरोपियों की उम्र 15 से 16 साल की है। ये लड़के आवारागर्दी करते हैं। कुछ लोगों ने लड़कों के नशा करने की बात भी कही।
घटना से मोहल्ले के लोग सकते में
ठाकुरनगर में जिस गली में घटना हुई है, वहां के लोग सकते में हैं। उनका कहना है कि वे इस घटना को मारपीट का मामला समझ रहे थे। लेकिन मारपीट में दीपक की मौत हो जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। कहा कि मारपीट करने वाले किशोर पास की ही गली में रहते हैं।
परिवार का सबसे बड़ा लड़का था दीपक
झगड़े में जान गंवाने वाला दीपक अपने परिवार में सबसे बड़ा था। दादा मटरू लाल ने बताया कि दीपक ने पढ़ाई छोड़ दी थी। वह अपने पिता की दुकान में हाथ बंटाता था। दुकान का सामान लाता-ले जाता है। बताया कि बेटे भद्रपाल के तीन बच्चे हैं। उनके दो बेटे और बेटी है। इनमें दीपक सबसे बड़ा था।











