हल्द्वानी। पाँच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की माँग को लेकर मंगलवार को नैनीताल रोड स्थित भारती स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर एकत्रित बैंक कर्मियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आयोजित की गई। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में बैंक कर्मी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उत्तरांचल बैंक एम्प्लॉइज यूनियन, जिला नैनीताल के नेतृत्व में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव योगेश पंत ने कहा कि 12वाँ द्विपक्षीय वेतन समझौता वर्ष 2024 में इंडियन बैंक एसोसिएशन एवं UFBU के बीच औद्योगिक कानूनों के तहत एक वैधानिक एवं लीगल-बाइंडिंग सेटलमेंट के रूप में संपन्न हुआ था। इस समझौते में सरकार से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर पाँच दिवसीय बैंकिंग लागू किए जाने पर स्पष्ट सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा कि उस समय बैंक रिकॉर्ड मुनाफ़े में थे और कर्मचारियों को न्यूनतम 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि की अपेक्षा थी, किंतु कार्यदबाव, मानसिक स्वास्थ्य एवं वर्क-लाइफ बैलेंस के नाम पर कर्मचारियों ने संयम दिखाया और पाँच दिवसीय बैंकिंग के आश्वासन पर सहमति दी।
आज उस आश्वासन को लागू न करना न केवल समझौते का उल्लंघन है बल्कि औद्योगिक कानूनों और संविधान की भावना के भी विरुद्ध है। योगेश पंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग कोई नई माँग नहीं बल्कि कर्मचारियों का कानूनी अधिकार और लीगल एंटाइटलमेंट है। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद उसे लागू न करना “Justice delayed is justice denied” की स्थिति को दर्शाता है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि संविधान दिवस के तुरंत बाद कर्मचारियों को अपने लिखित और वैध अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो यह किसी यूनियन की विफलता नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता है। सरकार और प्रबंधन को भी संविधान और कानून के दायरे में रहकर किए गए समझौतों का सम्मान करना होगा।










