छह ऑडियो रिकॉर्डिंग, CCTV और CDR से दो आरोपी गिरफ्तार
सितारगंज। बाईपास रोड पर टुकटुक में आग लगने से झुलसी सरस्वती की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार विवेचना में पवित्र सरकार उर्फ कन्हई की भूमिका महिला पर मानसिक दबाव बनाने और संबंध व विवाह के लिए दबाव डालने में सामने आई, जबकि जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार पर घटना से पहले पेट्रोल उपलब्ध कराने और सरस्वती को पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाने का आरोप है।
15 अगस्त को सितारगंज बाईपास रोड पर टुकटुक में आग लगने की घटना हुई थी। हादसे में सरस्वती करीब 80-90 प्रतिशत और पवित्र सरकार 18-20 प्रतिशत झुलस गया था। सरस्वती को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां 19 अगस्त को उसकी मौत हो गई। मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि पवित्र और सरस्वती के बीच करीब तीन-चार साल से संबंध थे। बाद में पवित्र द्वारा बातचीत कम करने के बाद सरस्वती मानसिक रूप से परेशान थी। CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पवित्र की भूमिका को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण से जोड़ते हुए संबंधित धाराओं में कार्रवाई की।
वहीं, जांच के दौरान जितेन्द्र की भूमिका भी सामने आई। पुलिस को सरस्वती के मोबाइल से घटना वाले दिन जितेन्द्र के साथ छह ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं। इनमें पेट्रोल की व्यवस्था, बोतल में पेट्रोल भरने और लाइटर साथ रखने संबंधी बातचीत सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार जितेन्द्र ने पेट्रोल उपलब्ध कराने के बाद सरस्वती को पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाया था।
पुलिस ने पवित्र सरकार को 14 सितंबर और जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी कब्जे में ली गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया।






