तमंचे से चली गोली ने ली मेहविश की जान, खून के निशान मिटाकर शव दूसरी जगह ले जाने का आरोप; वारदात में प्रयुक्त तमंचा बरामद
काशीपुर। महुआखेड़ागंज क्षेत्र में युवती मेहविश की गोली लगने से हुई मौत के मामले का आईटीआई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में नामजद साजिद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को महुआखेड़ागंज क्षेत्र में युवती मेहविश की गोली लगने से मौत हुई थी। मामले में मृतका के परिजन की तहरीर पर 11 सितंबर को कोतवाली आईटीआई में FIR संख्या 286/26, धारा 103(1)/238/61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ऊधमसिंहनगर अजय गणपति ने पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
सत्संग के पास घेराबंदी कर दबोचे
12 सितंबर को पुलिस टीम चौकी पैगा क्षेत्र में आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर अलीगंज रोड से पीपल गांव जाने वाले रास्ते पर राधास्वामी सत्संग के पास घेराबंदी की गई। पुलिस ने मौके से साजिद (50), सबीना (18) और फिजा (20) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ और तलाशी के दौरान साजिद के कब्जे से 12 बोर का अवैध तमंचा और खोखा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक साजिद ने बताया कि उसने यह तमंचा करीब छह माह पहले महुआखेड़ा निवासी जमील से लिया था।
छीनाझपटी में चली गोली, फिर मिटाए खून के निशान
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि घटना के दौरान साजिद की छोटी बेटी और मेहविश के बीच छीनाझपटी हुई। इसी दौरान साजिद की छोटी बेटी से गोली चल गई, जो मेहविश को लग गई और उसकी मौत हो गई।
पुलिस का आरोप है कि घटना के बाद साजिद और उसकी पुत्री फिजा ने फर्श पर पड़े खून के धब्बों को मिटाने का प्रयास किया। इसके बाद साजिद ने मृतका के शव को अपने घर से हटाकर उसके घर पहुंचाया, जिससे घटनास्थल बदलने का प्रयास किया गया। तीनों आरोपी इसके बाद फरार होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में साजिद पुत्र जुम्मा (50), सबीना पुत्री साजिद (18) और फिजा पुत्री साजिद (20) शामिल हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।






