हल्द्वानी। मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर हल्द्वानी का गौलापार शनिवार को उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में नए अध्याय का गवाह बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसी के साथ विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रीड़ा विश्वविद्यालय प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। अब उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल कर ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।
राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न, द्रोणाचार्य, लाइफ टाइम अचीवमेंट और हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान में पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत देने का आह्वान किया।
खिलाड़ियों के लिए सरकार की योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है, जबकि 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए बीमा और आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया जारी है।
23 हाईटेक खेल अकादमियों की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में खेलों का मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हो रहा है। ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिए प्रत्येक जिले की खेल पहचान विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत भागीदारी के लिए सरकार अभी से रोडमैप पर काम कर रही है। खिलाड़ियों की फिटनेस के नियमित मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ भी विकसित किया गया है।
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिला सम्मान
वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया। वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य तथा बॉक्सिंग के मुकेश चंद्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला।
दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मॉडर्न पेंटाथलॉन में सक्षम प्रताप सिंह और ममता खाती तथा बॉक्सिंग में खुशी चंद को भी सम्मान मिला।
समारोह में खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट, विधायक मोहन सिंह बिष्ट समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।






