लोकतंत्र में अमर्यादित व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं, सरकारी संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी! सुरेश भट्ट
हल्द्वानी। राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने एसएसपी कार्यालय में कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित तौर पर किए गए अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन संवैधानिक और सरकारी संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना भी राजनीतिक दलों एवं जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एसएसपी कार्यालय में जाकर सरकारी अधिकारी के साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार करना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लगातार सरकारी संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है और इसी का असर प्रदेश में भी कांग्रेस नेताओं के व्यवहार में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने दावा किया कि हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस की रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाने की खिसियाहट कांग्रेस नेताओं के व्यवहार में नजर आई। इसी हताशा में एसएसपी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने मर्यादाओं को ताक पर रख दिया।
सुरेश भट्ट ने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध करना और अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और सरकारी संस्थाओं की प्रतिष्ठा का सम्मान किया जाना चाहिए। किसी सरकारी कार्यालय में जाकर अधिकारी के साथ अमर्यादित व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के इस आचरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है।






