उफनाई गौला नदी में फंसे लोगों को किया रेस्क्यू, गंभीर घायलों को भेजा सुशीला तिवारी अस्पताल….

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हल्द्वानी। आगामी मॉनसून सीज़न को देखते हुए , जिलाधिकारी महोदय केहल्द्वानी। आगामी मॉनसून सीज़न को देखते हुए , जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों पर आज ग़ौलापार स्टेडियम के निकट आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इंसिडेंट कमांडर उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के नेतृत्व में , पुलिस, चिकित्सा CRPF, सिंचाई , पीडब्लूडी, जल संस्थान विद्युत, फ़ायर, पशु चिकित्सा, फ़ॉरेस्ट तथा अन्य विभागों द्वारा मॉक ड्रिल में भाग लिया गया । मॉक ड्रिल में यह परिदृश्य बनाया गया कि गोला के तेज बहाव की वजह से 300 खिलाड़ी तथा कर्मचारी फँस गए हैं तथा 20-25 परिवार भी गोला के तेज प्रवाह की जद में आ गए हैं । मॉक ड्रिल में फँसे हुए खिलाड़ियों,कर्मचारियों तथा जनसामान्य का रेस्क्यू किया गया , तथा सभी विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं को पुनर्स्थापित किया गया । घायलों का इलाज स्टेजिंग एरिया में स्थित चिकित्सा केंद्र में किया गया जहाँ राहत शिविर में उन्हें आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई । इसके अतिरिक्त पाँच गंभीर घायलों को मॉक ड्रिल के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में भेजा गया । इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों का आगामी मॉनसून सीज़न के दृष्टिगत आपसी समन्वय बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की आपदा की दृष्टि में जन सामान्य को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करना था । इस प्रकार की मॉक ड्रिल से जिला प्रशासन आगामी मॉनसून सीज़न में आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के लिए तत्पर रह कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है । निर्देशों पर आज ग़ौलापार स्टेडियम के निकट आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इंसिडेंट कमांडर उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के नेतृत्व में , पुलिस, चिकित्सा CRPF, सिंचाई , पीडब्लूडी, जल संस्थान विद्युत, फ़ायर, पशु चिकित्सा, फ़ॉरेस्ट तथा अन्य विभागों द्वारा मॉक ड्रिल में भाग लिया गया । मॉक ड्रिल में यह परिदृश्य बनाया गया कि गोला के तेज बहाव की वजह से 300 खिलाड़ी तथा कर्मचारी फँस गए हैं तथा 20-25 परिवार भी गोला के तेज प्रवाह की जद में आ गए हैं । मॉक ड्रिल में फँसे हुए खिलाड़ियों,कर्मचारियों तथा जनसामान्य का रेस्क्यू किया गया , तथा सभी विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं को पुनर्स्थापित किया गया । घायलों का इलाज स्टेजिंग एरिया में स्थित चिकित्सा केंद्र में किया गया जहाँ राहत शिविर में उन्हें आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई । इसके अतिरिक्त पाँच गंभीर घायलों को मॉक ड्रिल के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में भेजा गया । इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों का आगामी मॉनसून सीज़न के दृष्टिगत आपसी समन्वय बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की आपदा की दृष्टि में जन सामान्य को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करना था । इस प्रकार की मॉक ड्रिल से जिला प्रशासन आगामी मॉनसून सीज़न में आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के लिए तत्पर रह कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है ।हल्द्वानी। आगामी मॉनसून सीज़न को देखते हुए , जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों पर आज ग़ौलापार स्टेडियम के निकट आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इंसिडेंट कमांडर उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के नेतृत्व में , पुलिस, चिकित्सा CRPF, सिंचाई , पीडब्लूडी, जल संस्थान विद्युत, फ़ायर, पशु चिकित्सा, फ़ॉरेस्ट तथा अन्य विभागों द्वारा मॉक ड्रिल में भाग लिया गया । मॉक ड्रिल में यह परिदृश्य बनाया गया कि गोला के तेज बहाव की वजह से 300 खिलाड़ी तथा कर्मचारी फँस गए हैं तथा 20-25 परिवार भी गोला के तेज प्रवाह की जद में आ गए हैं । मॉक ड्रिल में फँसे हुए खिलाड़ियों,कर्मचारियों तथा जनसामान्य का रेस्क्यू किया गया , तथा सभी विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं को पुनर्स्थापित किया गया । घायलों का इलाज स्टेजिंग एरिया में स्थित चिकित्सा केंद्र में किया गया जहाँ राहत शिविर में उन्हें आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई । इसके अतिरिक्त पाँच गंभीर घायलों को मॉक ड्रिल के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में भेजा गया । इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों का आगामी मॉनसून सीज़न के दृष्टिगत आपसी समन्वय बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की आपदा की दृष्टि में जन सामान्य को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करना था । इस प्रकार की मॉक ड्रिल से जिला प्रशासन आगामी मॉनसून सीज़न में आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के लिए तत्पर रह कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है । निर्देशों पर आज ग़ौलापार स्टेडियम के निकट आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इंसिडेंट कमांडर उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के नेतृत्व में , पुलिस, चिकित्सा CRPF, सिंचाई , पीडब्लूडी, जल संस्थान विद्युत, फ़ायर, पशु चिकित्सा, फ़ॉरेस्ट तथा अन्य विभागों द्वारा मॉक ड्रिल में भाग लिया गया । मॉक ड्रिल में यह परिदृश्य बनाया गया कि गोला के तेज बहाव की वजह से 300 खिलाड़ी तथा कर्मचारी फँस गए हैं तथा 20-25 परिवार भी गोला के तेज प्रवाह की जद में आ गए हैं । मॉक ड्रिल में फँसे हुए खिलाड़ियों,कर्मचारियों तथा जनसामान्य का रेस्क्यू किया गया , तथा सभी विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं को पुनर्स्थापित किया गया । घायलों का इलाज स्टेजिंग एरिया में स्थित चिकित्सा केंद्र में किया गया जहाँ राहत शिविर में उन्हें आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई । इसके अतिरिक्त पाँच गंभीर घायलों को मॉक ड्रिल के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में भेजा गया । इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों का आगामी मॉनसून सीज़न के दृष्टिगत आपसी समन्वय बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की आपदा की दृष्टि में जन सामान्य को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करना था । इस प्रकार की मॉक ड्रिल से जिला प्रशासन आगामी मॉनसून सीज़न में आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के लिए तत्पर रह कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है ।

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