हल्द्वानी। कैंप कार्यालय हल्द्वानी में शनिवार को जनता मिलन कार्यक्रम जनता मिलन में हल्द्वानी निवासी ईश्वरी दत्त ने बताया कि वे चार भाई है पिताजी की मृत्यु हो गई। बताया कि चारों भाईयो के कुर्रे के आदेशों के लिए लभगभ 9 माह होने के पश्चात भी उपजिलाधिकारी कार्यालय द्वारा कार्यवाही नही की गई। इस पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी हल्द्वानी को तलब कर विगत वर्षों के कुर्रे के लम्बित मामले में कार्यवाही करने के निर्देश दिए।के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भूमि विवाद,मार्ग निर्माण,भू अभिलेखों मे नाम गलत दर्ज होने के साथ ही पेयजल, विद्युत आदि से सम्बन्धित समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।
जनता मिलन में हल्द्वानी निवासी ईश्वरी दत्त ने बताया कि वे चार भाई है पिताजी की मृत्यु हो गई। बताया कि चारों भाईयो के कुर्रे के आदेशों के लिए लभगभ 9 माह होने के पश्चात भी उपजिलाधिकारी कार्यालय द्वारा कार्यवाही नही की गई। इस पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी हल्द्वानी को तलब कर विगत वर्षों के कुर्रे के लम्बित मामले में कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने एसडीएम कोर्ट से धारा 176 के तहत जमीन बंटवारे और कुर्रे (फाट) के आदेश पारित होने के बावजूद, लेखपाल द्वारा कार्यवाही के विलम्ब पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। आयुक्त ने मण्डल के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेशों की अवहेलना करने वाले लेखपालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
सामान्य जाति के व्यक्ति द्वारा एससी,एसटी की भूमि खरीदे जाने के प्रकरण पर आयुक्त ने कहा कि एससी,एसटी की भूमि सामान्य लोग सीधे तौर पर नही खरीद सकते है। आयुक्त ने उपजिलाधिकारी रामनगर को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
*आयुक्त ने कहा कि सामान्य वर्ग या अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी का व्यक्ति सीधे तौर पर एससी,एसटी की कृषि भूमि नहीं खरीद सकता। यह एक अवैध और दंडनीय अपराध माना जाता है। सरकारी अनुमति कुछ विशेष परिस्थितियों में, यदि कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति एससी/एसटी की भूमि खरीदना चाहता है, तो उसे संबंधित राजस्व नियमों के तहत जिलाधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होती है। बिना अनुमति के की गई रजिस्ट्री अथवा इकरारनामा को कभी भी शून्य (रद्द) घोषित किया जा सकता है*
आयुक्त के समक्ष पहुंचे ग्राम सभा छिड़ा के निवासियों ने बताया कि वीरभट्टी-छिड़ा मार्ग निर्माण हेतु धनराशि का आवंटन हो गया है लेकिन वन विभाग की आपत्ति के कारण मार्ग नहीं बन पाया है। वर्तमान में छिड़ा ग्राम में लगभग 25 परिवार निवास करते हैं। आयुक्त ने दूरभाष पर अधिशासी अभियंता लोनिवि से वार्ता कर शीघ्र वन विभाग की आपत्ति का निस्तारण कर मार्ग का निर्माण कराने के निर्देश दिये।
रामनगर से पहुंचे नितिन ढोमणे द्वारा शिकायत दर्ज की गई कि उनके द्वारा नजूल भूमि का धोखाधड़ी से क्रय किया गया था जिसमें उन्होंने अपने भूखंड व धनराशि वापस दिलाए जाने का अनुरोध किया। आयुक्त ने उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विक्रेता से शिकायतकर्ता को भूमि का विक्रय मूल्य वापस कराए जाने के निर्देश दिए। यदि तत्काल धनराशि की व्यवस्था संभव न हो तो तब तक शिकायतकर्ता को चेक उपलब्ध कराया जाए ।
इसके साथ ही आयुक्त ने उक्त क्षेत्र के पटवारी को निर्देश दिए कि सभी नजूल भूमि पर स्पष्ट वं प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट (साइन बोर्ड) लगाए जाएं, जिन पर यह अंकित हो कि “यह भूमि सरकार की निजी संपत्ति है। इसका क्रय-विक्रय दंडनीय अपराध है।” जिससे आमजन को जागरूक किया जा सके तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
आयुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए।





