
ऊधमसिंहनगर। बाहरी राज्यों से आकर उत्तराखंड में रह रहे लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी हद तक जा रहे हैं। ताजा मामला ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर का है। यहां उत्तरप्रदेश से आकर बसे एक व्यक्ति ने अपने पिता का नाम बदलकर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बना लिया, और लंबे समय तक सरकारी योजनाओं के लाभ लेते रहा, लेकिन नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा में फर्जी स्थाई, जाति व अन्य प्रमाणपत्र बनाए जाने का मामला सामने आने पर राज्य सरकार द्वारा सख्ती दिखाते हुए राज्य में बीते वर्षों में बने प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश दिए गए। इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर में दस्तावेजों की जांच किए जाने के दौरान जांच टिम को गदरपुर के लगड़ाभोज वरीराई निवासी मोहम्मद हनीफ के दस्तावेजों पर शक हुआ। जांच तेज हुई तो कार्रवाई के डर से हनीफ खुद अपना फर्जी जाति प्रमाणपत्र लेकर एसडीएम के पास पहुंच गया। जांच में पता चला कि वह इस प्रमाणपत्र के आधार पर कई सरकारी योजनाओं का लाभ ले चुका है। हनीफ ने माना कि जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए उसने अपने पिता के नाम की जगह किफायत आलि के नाम का इस्तेमाल किया, जबकि उसके पिता किफात शाह पुत्र शायद अली शाह हैं। जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए उसने सन 1989 में आनंदखेड़ा रामबाग निवासी किफायत अली पुत्र ददली अली के नाम का राशन कार्ड प्रस्तुत किया था। उसने बताया कि इस नाम से संबंधित उसके पास कोई और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं है।
हेरा फेरी की जानकारी सामने आने के बाद एसडीएम ने मामले को स्क्रुटनी कमेटी के समक्ष रखा है। इसके बाद हनीफ का प्रमाण पत्र निरस्त करने की संस्तुति कर दी गई है। जांच की जा रही है कि उसने आखिर किन-किन योजना का लाभ लिया है।











