2024 में गठित कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देने की भी उठी आवाज
हल्द्वानी। मानदेय वृद्धि और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा समेत लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर सरकार का रुख किया है। आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। संगठन ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है।
मोर्चे ने राज्य सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 140 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि करने की मांग की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने की मांग भी रखी गई है। संगठन का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से सरकार और विभाग के समक्ष अपनी समस्याएं रखती आ रही हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
ज्ञापन में वर्ष 2024 में मानदेय वृद्धि को लेकर गठित कमेटी की रिपोर्ट और निर्णय सार्वजनिक करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कमेटी गठित होने के बाद भी उसके निर्णय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख और पेंशन की मांग
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने मांग की कि सेवानिवृत्त होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त अर्हता की शर्त के 10 लाख रुपये की धनराशि दी जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
जिला अध्यक्ष रेखा आर्या और जिला उपाध्यक्ष पुष्पा चंदोला की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि कार्यकर्ता लंबे समय से विभागीय और सरकारी स्तर पर अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं। संगठन ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।






