यूपी से असलहों की खेप लेकर उत्तराखंड आ रहे थे आरोपी, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में एक के पैर में लगी गोली
₹5 हजार में खरीदकर ₹8 हजार में तमंचे बेचने की थी योजना, सप्लाई चेन खंगालने में जुटी पुलिस
रुद्रपुर/दिनेशपुर। ऊधम सिंह नगर में अवैध असलहों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसओजी रुद्रपुर और दिनेशपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से .315 बोर के सात और .32 बोर का एक देशी तमंचा, आठ जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उत्तर प्रदेश से तमंचे लेकर उत्तराखंड में उनकी सप्लाई करने आ रहे थे। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जिले में अवैध शस्त्रों की तस्करी पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में एसपी सिटी रुद्रपुर और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में एसओजी रुद्रपुर व दिनेशपुर पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गईं।
17 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल से अवैध असलहों की खेप लेकर महतोष-मकरंदपुर मार्ग से दिनेशपुर की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मार्ग पर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद वे मोटरसाइकिल छोड़कर गन्ने के खेतों की ओर भागने लगे।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मनोज कुमार के बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पांच हजार में तमंचा खरीदकर आठ हजार में बेचने की थी योजना
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी रुद्रपुर के रंपुरा निवासी बंटी कोली के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार, बंटी कोली पूर्व में एक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था और वर्तमान में जेल में बंद है। आरोपियों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली गांव निवासी महावीर से तमंचे लेकर आए थे। उनकी योजना प्रत्येक तमंचे को पांच हजार रुपये में खरीदकर आठ हजार रुपये में बेचने की थी।
रामपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार (22) पुत्र राजेंद्र कुमार और अनमोल यादव (20) पुत्र सुंदर पाल के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर थाना क्षेत्र के चंदायन गांव के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, मनोज कुमार का पूर्व आपराधिक इतिहास भी है। उसके खिलाफ ट्रांजिट कैंप कोतवाली में पहले से आयुध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ दिनेशपुर थाने में एफआईआर संख्या 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और आयुध अधिनियम की धारा 3/25 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क, संभावित खरीदारों और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।






