
हल्द्वानी। विधानसभा सदन में प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते कई लोगों को जान गंवानी पड़ रही है।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि उचित स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में जिला पंचायत अध्यक्ष अल्मोड़ा स्व. श्रीमती बिष्ट जी का असमय निधन होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
उन्होंने हल्द्वानी में प्रस्तावित कैथ लैब के निर्माण में हो रही देरी पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले कई विधानसभा सत्रों में विभागीय मंत्री द्वारा जल्द कैथ लैब स्थापित किए जाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक इसका निर्माण नहीं हो पाया। यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकताओं में आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन की कोई कीमत नहीं है।
सदन में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड के तहत इलाज न मिलने की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि यह पेंशनभोगियों के साथ सीधा अन्याय है। इसके साथ ही उन्होंने आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज से पूर्व विभिन्न जांचों के नाम पर गरीब जनता से पैसे वसूलने पर भी कड़ी आपत्ति जताई और मांग की कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज के साथ-साथ सभी आवश्यक जांचें भी पूर्ण रूप से निशुल्क की जाएं।
विधायक सुमित हृदयेश ने युवाओं के बेहतर भविष्य और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी में फॉरेन लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाने की भी मांग सदन में रखी, ताकि प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
इसके अतिरिक्त देशभर में व्याप्त एलपीजी गैस की किल्लत का मुद्दा भी सदन में उठाया गया। इस विषय को लेकर कांग्रेस के समस्त विधायकों ने सदन में धरना देते हुए राज्य सरकार से आम जनता को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की।
सुमित हृदयेश ने कहा कि महंगाई और आवश्यक सेवाओं की कमी से आम जनता पहले ही परेशान है, ऐसे में गैस की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत प्रभावी कदम उठाकर आम जनता को राहत प्रदान करे।











