हरिद्वार। पिछले कुछ समय से देवभूमि उत्तराखंड में महिलाओं के प्रति अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में हल्द्वानी और उधमसिंह नगर में किशोरी और महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना के कुछ दिन बाद ही धार्मिक नगरी हरिद्वार में पति से मिलने आई महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, साथ ही प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने होटल प्रबंधक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना शनिवार देर शाम की है। पीड़िता का पति हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत है। बिजनौर, उत्तर प्रदेश निवासी महिला अपने पति से मिलने हरिद्वार आई थी। आरोप है कि बस अड्डे के निकट एक ऑटो चालक ने उसे बहला-फुसलाकर अपने वाहन में बैठा लिया। कुछ दूरी तय करने के बाद महिला को एक कार में स्थानांतरित कर दिया गया। कार चालक उसे शिवमूर्ति गली स्थित एक होटल में ले गया, जहां ऑटो चालक भी पहुंच गया।
महिला का आरोप है कि होटल के अंदर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। किसी तरह वहां से निकलकर पीड़िता सीधे शहर कोतवाली पहुंची और घटना की जानकारी दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने त्वरित जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों को नहर पटरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों में एक आरोपी मूल रूप से नहटौर, बिजनौर का निवासी है, जिसका वर्तमान पता श्रीराम एन्क्लेव, सराय ज्वालापुर बताया गया। दूसरा आरोपी शास्त्रीनगर कड़च्छ, ज्वालापुर का रहने वाला है। तीसरा आरोपी होटल मैनेजर है, जो कुंदरकी, मुरादाबाद का मूल निवासी है और वर्तमान में हरिद्वार में रह रहा था। आरोपियों में एक कार चलाता है, जबकि दूसरा ऑटो चालक है।
मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के सात होटल संचालकों को लगभग 23 घंटे तक हिरासत में रखकर पूछताछ की। इस प्रकरण में होटल प्रबंधक की भूमिका स्पष्ट होने पर उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।











