हल्द्वानी। बीते दिनों भोटिया पड़ाव स्थित चंदन अस्पताल द्वारा परिजनों को महिला का शव न दिए जाने पर हुए बवाल के मामले में पुलिस ने चंदन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मृतक महिला के पति द्वारा दी गई तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
तहरीर के अनुसार अल्मोड़ा निवासी नंदन बिरौड़िया की 40 वर्षीय पत्नी सीमा लंबे समय से बीमार थीं। 3 जनवरी को महिला को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया। इसके बाद वह पत्नी को भोटियापड़ाव स्थित चंदन अस्पताल लेकर पहुंचे।
आरोप है कि चंदन अस्पताल पहुंचते ही सीमा को इमरजेंसी में भर्ती किया गया, जहां पहले 50 हजार रुपये नकद लिए गए और बाद में करीब 7 हजार रुपये के अतिरिक्त जांच शुल्क वसूले गए। शाम करीब साढ़े छह बजे सीमा को आईसीयू में शिफ्ट किया जा रहा था, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव सौंपने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की, और भुगतान के बिना शव नहीं दिए जाने की बात कही। इस बात को लेकर अस्पताल में हुए हंगामे की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को महिला का शव सौंपा गया।
कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि तहरीर के आधार पर चंदन अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर परवेज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।











