हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का जन्मदिन के अवसर पर मंगलवार को दमुवाढूंगा स्थित आंबेडकर पार्क में सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समर्थकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस दिन को ‘समरसता दिवस’ के रूप में मनाकर एक उदाहरण पेश किया, जिसमें शिक्षा, सेवा और सामाजिक समानता जैसे मूल्यों को प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम में गंगोलीहाट के पूर्व विधायक जोगा राम टम्टा की अध्यक्षता में अनुसूचित वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं और विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मियों को सम्मानित किया गया। कोश्यारी ने अपने उद्बोधन में समरसता को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया और कहा कि उनका जन्मदिन अगर सामाजिक समरसता के रूप में मनाया जा रहा है, तो इससे बड़ा सम्मान उनके लिए कुछ नहीं हो सकता।

इस अवसर पर सम्मानित विद्यार्थियों को शील्ड और धार्मिक ग्रंथ ‘रामायण’ की प्रतियां भेंट की गईं, वहीं सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके समाजहित में योगदान के लिए स्मृति चिह्न दिए गए। कार्यक्रम के पश्चात कोश्यारी ने स्थानीय निवासियों संग सहभोज में भाग लेकर सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि “समाज की ताकत उसकी विविधता और आपसी सौहार्द में है। ऐसे आयोजनों से समाज में प्रेम और सहयोग की भावना गहराती है।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोश्यारी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।










