उवेस राजा की पहल से गांधीनगर के दो सरकारी स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को मिले नए बैग, चेहरे पर खिली मुस्कान
हल्द्वानी। किसी का बैग जगह-जगह से फटा था तो किसी की किताबें पुराने बैग से बाहर झांकती थीं। आर्थिक तंगी के बीच इन्हीं परेशानियों के साथ बच्चे रोज स्कूल पहुंच रहे थे। गुरुवार को गांधीनगर के दो सरकारी स्कूलों में पहुंची मदद ने इन बच्चों की परेशानी कुछ कम कर दी। सामाजिक कार्यकर्ता उवेस राजा ने जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को नए स्कूल बैग वितरित किए तो बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बनी।
उवेस राजा ने अपने सहयोगियों के साथ राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गांधीनगर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में बैग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। उन बच्चों को नए बैग दिए गए, जिनके पुराने बैग फट चुके थे या पढ़ाई के लिए उपयोगी नहीं रह गए थे। नया बैग हाथ में आते ही बच्चों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर उवेस राजा ने कहा कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई केवल इसलिए प्रभावित नहीं होनी चाहिए कि उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और समाज के सक्षम लोगों की जिम्मेदारी है कि जरूरतमंद बच्चों की राह आसान करने के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि किसी बच्चे को पढ़ाई के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराना भले ही छोटा प्रयास लगे, लेकिन उसके भविष्य के लिए इसका महत्व बहुत बड़ा हो सकता है। समाज में ऐसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
बैग मिलने के बाद बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में उवेस राजा के सहयोगियों के साथ विद्यालयों के शिक्षक और अन्य लोग मौजूद रहे। पहल ने यह संदेश दिया कि आर्थिक मजबूरियां बच्चों के सपनों के रास्ते में दीवार न बनें, इसके लिए समाज को मिलकर आगे आना होगा।






