
हल्द्वानी। बनभूलपुरा लाइन नंबर-1 क्षेत्र में नाले पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। नाले के पास कब्जा कर उसे स्थायी रूप से पक्का किए जाने शिकायत पर नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और निर्माण कार्य रुकवा दिया। कब्जाधारियो से जमीन के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

जानकारी के अनुसार बनभूलपुरा क्षेत्र में जिस जगह को नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए चिन्हित किया था, वहां पशुपालन के नाम पर कब्जा किया गया और बाद में उसे स्थायी रूप देने की तैयारी शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि रातों-रात खंभे लगाकर निर्माण को पक्का करने की कोशिश की जा रही थी।
यह जगह सब्जी मंडी क्षेत्र के बेहद करीब स्थित है और इसके साथ करीब 25 से 30 फीट चौड़ा सरकारी नाला गुजर रहा है। लंबे समय से बाजार आने वाले लोगों, खासकर महिलाओं, को सार्वजनिक शौचालय की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग कई बार शौचालय निर्माण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं, साथ ही बरसात से पहले नालों की सफाई निगम के लिए चुनौती है
इसी समस्या को देखते हुए हल्द्वानी नगर निगम के नगर आयुक्त परितोष वर्मा और उपनगर आयुक्त गणेश भट्ट ने निगम टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उक्त भूमि को सार्वजनिक शौचालय के लिए उपयुक्त माना गया था। लेकिन इसके बाद वहां कब्जे को पक्का करने की तैयारी शुरू होने की सूचना नगर निगम तक पहुंची।
सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम ने दोबारा निरीक्षण किया और निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि संबंधित लोगों के पास नजूल भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज हैं तो उन्हें नगर निगम के समक्ष पेश किया जाए। सूत्रों के मुताबिक कब्जाधारी शातिर किस्म का व्यक्ति है और अपने रसूख का इस्तेमाल कर कब्जे को परमानेंट करवाने की फिराक में है।फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि कब्जाधारी दोबारा अतिक्रमण की कोशिश कर सकता है।
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र से लगी पुरानी मस्जिद के पास भी नाले पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने चेतावनी दी थी, जिसके बाद मस्जिद कमेटी ने स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लिया था। अब स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन नाले की जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर जल्द सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराए, साथ ही बरसात से पहले नालों की सफाई कर जल भराव की समस्या से निजात मिल सके और क्षेत्र की पुरानी समस्या का समाधान हो सके।











