
हल्द्वानी/लालकुआं। मोटाहल्दू स्थित मदरसन कंपनी में अपनी मांगों पर डटे कर्मियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। दूसरे दिन मंगलवार को हुए हंगामे के दौरान पुलिस ने श्रमिकों के समर्थन में पहुंचे नेताओं के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु, सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी और पार्षद मनोज जोशी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद श्रमिकों और प्रबंधन के बीच जिला प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त मध्यस्थता में हुई वार्ता में बनी सहमति पर श्रमिकों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
श्रमिकों द्वारा रखी गई 14 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों को प्रबंधन ने तत्काल स्वीकार कर लिया, जबकि शेष दो मांगों पर शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया गया है।
समझौते के बाद कंपनी में कामकाज फिर से सुचारू होने जा रहा है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि अब उत्पादन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने श्रमिकों के संयम और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि पूरे आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रही, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन श्रमिकों की जायज मांगों के समाधान के लिए हमेशा सहयोग करता रहेगा।
वहीं, पुलिस ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि श्रमिकों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार कुछ बाहरी तत्वों द्वारा कंपनी में हिंसा और तोड़फोड़ भड़काने की साजिश रची जा रही थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने बैरियर तोड़ने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और मजदूरों को उकसाने के आरोप में 20-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।











