
हल्द्वानी। फतेहपुर रेंज में आतंक के पर्याय बने बाघ को वन विभाग की टीम ने सफलता पूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया है। लगभग एक सप्ताह से चल रहे “ऑपरेशन टाइगर” के तहत मंगलवार दिन रात आदमखोर बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया गया।
वन विभाग की टीम लगातार जंगल में कॉम्बिंग कर रही थी। ड्रोन, ट्रैप कैमरा और स्थानीय इनपुट के आधार पर बाघ की लोकेशन ट्रैक की जा रही थी। कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने बाघ को चिन्हित कर सुरक्षित तरीके से बेहोश किया। ट्रेंकुलाइज करने के बाद मौके पर ही पशु चिकित्सकों की टीम ने बाघ का प्राथमिक मेडिकल परीक्षण किया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे पिंजरे में सुरक्षित रखा गया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पकड़ा गया यही बाघ पिछले दिनों दो महिलाओं को अपना शिकार बना चुका था, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों में भारी आक्रोश के बीच वन विभाग पर लगातार कार्रवाई का दबाव भी बना हुआ था।
डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहे और ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते रहे।











